What is Microphone in Hindi – माइक्रोफोन के बारे मे पूरी जानकारी…

Hello  दोस्तों आप अक्सर Microphone का use करते है आप जिस भी Device का use करते है उस Device मे Microphone का उपयोग जरूर होता है। प्रत्येक Device मे Microphone का महत्वपूर्ण स्थान है इसलिए यह जरूरी है कि आपको इसके बारे मे जानकारी होनी चाहिए। आज के इस Article मे हम Microphone के बारे मे विस्तार से जानने वाले है।

अगर आप भी Microphone के बारे मे जानना चाहते है तो आप एकदम सही जगह पर आए है आज का Microphone के बारे मे यह आर्टिकल आपके लिए बहुत Helpful रहने वाला है। तो चलिए जानते है कि Microphone क्या होता है?

 

Microphone क्या होता है?

Microphone एक ऐसी Device है जो Sound Waves (ध्वनि तरंगों) को Electrical Signal या Analog Signal मे बदल देता है। Microphone को Mic (माइक) भी कहते है। Microphone कई प्रकार के संचार के साथ साथ Music और Speech की Recording के कामों के लिए Use किया जाता है।

 

माइक्रोफोन का इस्तेमाल कहाँ कहाँ पर किया जाता है?

इसका इस्तेमाल निम्नलिखित Applications मे होता है:-

 

  • Telephones
  • Hearing Aids
  • Public Addressing
  • Consort Halls and Public Event
  • Motion Picture Production
  • Live and Recorded Audio Engineering
  • Sound Recording
  • Two Way Radios
  • Megaphones
  • Radio Broadcasting
  • Television Broadcasting
  • In Computers for Voice Recording
  • Speech Recognition
  • VoIP
  • For Non-Acoustic Purposes:- Ultrasonic Sensors and Knock Sensors

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History of Microphone in Hindi

सबसे पहले Microphone को Alexander Graham Bell के द्वारा एक Telephone Transmitter के रूप सन 1876 मे बनाया गया था। यह एक Liquid Device थी जो कि उतनी Practical नहीं थी। बाद मे सन 1886 मे Thomas Alva Adison ने पहला Carbon Microphone develop किया जो कि Practical था।

Carbon Microphones का use भी शुरुआत मे Radio Transmission और Telephone Transmission मे हुआ था। Carbon Microphone मे Limited Frequency Range थी और यह music को प्रभावपूर्ण तरीके से Reproduce नहीं करता था।

सन 1916 मे E. C. Wente के द्वारा Bell Laboratories मे Condenser Microphone को Develop किया गया। इस Microphone मे Faint Signals को Pick up करने के लिए microphone के अंदर Amplifier को Built किया गया था। Condenser Microphone का इस्तेमाल Radio Broadcasting के लिए Use किया गया था।

बाद मे सन 1931 मे Moving Coil या Dynamic Microphone को Wente और A. C. Thuras ने Bell Laboratories मे Develop किया। इस Dynamic Microphone मे Noise या Distortion Level बहुत काम था। आजकल इन Microphones का इस्तेमाल बहुत किया जा रहा है।

इसी साल 1931 मे Ribbon Microphone को RCA के द्वारा Develop किया गया था। इस Microphone को Vocal Recording और Broadcasting Industries मे बहुत हो रहा है।

1933 मे Ceramic या Crystal Microphone को Astatic Corporation मे Invent किया गया था।

 

Types of Microphone in Hindi

Microphone निम्नलिखित प्रकार के होते है।

 

Dynamic Microphone: – इन Microphones का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जाता है। यह एक Simple Design होता है जिसमे Magnet होती है जो कि Metal Coil के द्वारा Wrapped होती है। इसमे एक पतली Sheet होती है जिसे Diaphragm कहते है। इस Diaphragm को Magnet के Front End पर लगाया जाता है यह Sound Waves से Vibration को Coil तक पहुचाता है।

इसके बाद Coil इस Vibration को Electrical Wires तक पहुचाती है। ये Electronic Wires इस Sound Vibration को Electric Signal मे बदल देती है। Dynamic Microphone बहुत Durable होते है और इन्हे Electrical Power की आवश्यकता नहीं होती है। ये Signal Produce करने के लिए Electro Magnetic Induction का Use करते है।

 

Condenser Microphone :- इन Microphones का सामान्यतः इस्तेमाल Audio Recording के लिए किया जाता है। ये Microphones इनकी Sensitivity और Flat frequency के लिए जाने जाते है। प्रत्येक Condenser Microphone मे एक Front Plate (Diaphragm) और एक Back Plate होती है ये दोनों प्लेट एक दूसरे के Parallel होती है।

जब कोई Sound Wave इस diaphragm को छूती है तो यह Vibrate करता है जिससे कि इन दोनों Plates के बीच Alert होता है। इनके Plates के बीच यह परिवर्तन Electrical Signal के रूप मे Transmit होता है। इनको Electrical Power की आवश्यकता होती है। यह Electrical Power इसको किसी आंतरिक बैटरी या किसी external Source से मिलती है।

 

Ribbon Microphone :- यह Microphones इनकी High Fidelity के लिए जाने जाते है। इनमे एक Aluminum, Dialuminium या Nanofilm का बना हुआ एक Ribbon होता है जो कि एक Magnetic Field मे जुड़ा होता है।जब कोई Sound Waves आती है तब इस ribbon मे vibration उत्पन्न होता है और यह Vibration की Velocity के लिए Voltage Generate करता है। यह वोल्टेज electrical signal के रूप मे transmit होता है।

जब  ribbon microphones को शुरुआत मे बनाया गया था तब output का voltage बढ़ाने के लिए इनको transformer की आवश्यकता होती थी लेकिन आजकल के ribbon mics मे Improved magnet होते है जो कि Strong Signal प्रदान करते है।

 

 

 Pattern के आधार पर Microphones के प्रकार

कुछ Microphone उनके Pattern के आधार पर भी अलग अलग प्रकार के भी होते है जो कि निम्नलिखित है:-

 

Cardioid Microphones: –  यह एक Heart या Bean के Shape का होता है यह किसी एक Direction से Audio को Receive करता है। इसका इस्तेमाल मुख्यतः Recording के लिए किया जाता है।

 

Bidirectional Microphones :- यह एक figure 8 Pattern है जो कि दो Directions से audio को Capture करता है।

 

Omnidirectional Microphones :- यह एक Circular Pattern होता है जो सभी directions से Audio को Capture करता है।

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अपने computer मे Microphone कैसे Connect करें?

अगर आप अपने Computer मे Connect करना चाहते है तो इसके लिए आपके Computer मे Sound Card होना चाहिए और यह Sound Card के Driver मे install होना चाहिए। अगर आपके Computer मे Windows 10 है तो आपको आपके Computer मे 3.5 mm jack का उसे करके Microphone उससे Connect कर सकते है।

अगर आपके Computer मे Sound Card नहीं है या आयपके computer मे Sound Card काम नहीं कर रहा है तो आपको USB Microphone का इस्तेमाल करना पड़ेगा। इसे आपको अलग से Purchase करना पड़ेगा इसे आप अपने Computer के USB Port से Connect करके use कर सकते है।

 

आपके Computer मे Microphone कहाँ पर को होता है?

Microphone डेस्कटॉप कंप्युटर मे पीछे की तरफ Sound Card मे होता है यह आपके Computer के Model पर निर्भर करता है यह सामने की तरफ भी हो सकता है। Laptop मे माइक्रफोन उस लैपटॉप के Microphone Port मे होता है जो की usually Laptops के Side मे होता है।

 

 

Advantages of Microphones in Hindi
  • आप microphone के माध्यम से Fast input अपनी Device को दे सकते है जबकि आपको Type करने मे बहुत देर लगती है।

 

  • इसमे Real time मे भी Sound Waves को Manipulate किया जा सकता है।

 

  • सामान्यतः या ज्यादा महंगे नहीं होते है।

 

  • यह Drivers और Riders की security और Safety को improve करते है जब आप Voice Activation का use करते है।

 

  • इन्हे ज्यादा Power Supply की जरूरत भी नहीं होती है।

 

 

Disadvantages of Microphones in Hindi
  • Sound Files को Store करने के लिए ज्यादा Memory की आवश्यकता होती है।

 

  • किसी समय Voice Recognition फीचर Accurately काम नहीं करते है।

 

  • इनमे Amplifier की जरूरत पड़ती है।

 

  • High Frequency मे इनकी Performance कम हो जाती है।

 

Conclusion

आज के इस article के माध्यम से हमने आज के Microphone के बारे मे विस्तार से जाना। आशा है कि यह article आपके लिए helpful रहा होगा। अगर आपको यह article पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share कीजिए। आप हमे comment के माध्यम से सुझाव दे सकते है। आप हमे email के माध्यम से follow भी कर सकते है जिससे कि हमारी नई article की जानकारी आप तक सबसे पहले पहुचे आप email के माध्यम से हमसे question भी पूछ सकते है।

 

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