List of Indian Prime Ministers in Hindi – भारत के प्रधानमंत्री की पूरी जानकारी

Hello दोस्तों आज के इस Article मे भारत के प्रधानमंत्री की पूरी जानकारी और सभी प्रधानमंत्रियों की सूची हम आज discuss करेंगे। जैसा की आप सब लोग जानते है कि आजकल भारत के प्रधानमंत्री (Prime Minister of India) के बारे सभी competitive exams मे पूछा जा रहा है। इसलिये हमारे लिए List of Indian Prime Ministers in Hindi – भारत के प्रधानमंत्री की पूरी जानकारी को पढ़ना बहुत जरूरी है।

भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS, Railways, Bank और Entrance Exam की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए काफी उपयोगी है।

 

भारत के प्रधानमंत्री

भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री का पद भारतीय संघ के शासन प्रमुख का पद है। भारतीय संविधान के अनुसार, प्रधानमन्त्री केंद्र सरकार के मंत्रिपरिषद् का प्रमुख और राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार होता है। वह भारत सरकार के कार्यपालिका का प्रमुख होता है और सरकार के कार्यों को लेकर संसद के प्रति जवाबदेह होता है। भारत की संसदीय राजनैतिक प्रणाली में राष्ट्रप्रमुख और शासनप्रमुख के पद को पूर्णतः विभक्त रखा गया है। सैद्धांतिक रूप में संविधान भारत के राष्ट्रपति को देश का राष्ट्रप्रमुख घोषित करता है और सैद्धांतिक रूप में, शासनतंत्र की सारी शक्तियों को राष्ट्रपति में निहित करता है तथा संविधान यह भी निर्दिष्ट करता है कि राष्ट्रपति इन अधिकारों का प्रयोग अपने अधीनस्थ अधिकारियों की सलाह पर करेगा। संविधान द्वारा राष्ट्रपति के सारे कार्यकारी अधिकारों के प्रयोग करने की शक्ति, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित, प्रधानमन्त्री को दी गयी है। संविधान अपने भाग 5 के विभिन्न अनुच्छेदों में प्रधानमन्त्री पद के संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 में स्पष्ट रूप से मंत्रिपरिषद की अध्यक्षता तथा संचालन हेतु प्रधानमन्त्री की उपस्थिति को आवश्यक माना गया है। उसकी मृत्यु या पदत्याग की दशा मे समस्त परिषद को पद छोड़ना पड़ता है। वह स्वेच्छा से ही मंत्रीपरिषद का गठन करता है। राष्ट्रपति मंत्रिगण की नियुक्ति उसकी सलाह से ही करते हैं। मंत्रियों के विभाग का निर्धारण भी वही करता है। कैबिनेट के कार्य का निर्धारण भी वही करता है। देश के प्रशासन को निर्देश भी वही देता है तथा सभी नीतिगत निर्णय भी वही लेता है। राष्ट्रपति तथा मंत्रिपरिषद के मध्य संपर्क सूत्र भी वही हैं। मंत्रिपरिषद का प्रधान प्रवक्ता भी वही है। वह सत्तापक्ष के नाम से लड़ी जाने वाली संसदीय बहसों का नेतृत्व करता है। संसद मे मंत्रिपरिषद के पक्ष मे लड़ी जा रही किसी भी बहस मे वह भाग ले सकता है। मन्त्रीगण के मध्य समन्वय भी वही करता है। वह किसी भी मंत्रालय से कोई भी सूचना आवश्यकतानुसार मंगवा सकता है।

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प्रधानमन्त्री, लोकसभा में बहुमत-धारी दल का नेता होता है, और उसकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा में बहुमत सिद्ध करने पर होती है। इस पद पर किसी प्रकार की समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है परंतु एक व्यक्ति इस पद पर केवल तब तक रह सकता है जब तक लोकसभा में बहुमत उसके पक्ष में हो।

संविधान, विशेष रूप से, प्रधानमन्त्री को केंद्रीय मंत्रिमण्डल पर पूर्ण नियंत्रण प्रदान करता है। इस पद के पदाधिकारी को सरकारी तंत्र पर दी गयी अत्यधिक नियंत्रणात्मक शक्ति, प्रधानमन्त्री को भारतीय गणराज्य का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्ति बनाती है। विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या, सबसे बड़े लोकतंत्र और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी सैन्य बलों समेत एक परमाणु-शस्त्र राज्य के नेता होने के कारण भारतीय प्रधानमन्त्री को विश्व के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्तियों में गिना जाता है।

General Knowledge

 

भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति

साधारणतः, प्रधानमन्त्री को संसदीय आम चुनाव के परिणाम के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है। प्रधानमन्त्री, लोकसभा में बहुमत-धारी दल (या गठबंधन) के नेता होते हैं। हालाँकि, प्रधानमन्त्री का स्वयँ लोकसभा सांसद होना अनिवार्य नहीं है परंतु उन्हें लोकसभा में बहुमत सिद्ध करना होता है और नियुक्ति के छह महीनों के भीतर ही संसद का सदस्य बनना पड़ता है। प्रधानमन्त्री संसद के दोनों सदनों में से किसी भी एक सदन के सदस्य हो सकते हैं।

प्रत्येक चुनाव पश्चात्, नवीन सभा की बैठक में बहुमत दल के नेता के चुनाव के बाद, राष्ट्रपति, बहुमत-धारी दल के नेता को प्रधानमन्त्री बनने हेतु आमंत्रित करते हैं, आमंत्रण स्वीकार करने के पश्चात, संबंधित व्यक्ति को लोकसभा में मतदान द्वारा विश्वासमत प्राप्त करना होता है। तत्पश्चात् विश्वासमत-प्राप्ति की आदेश को राष्ट्रपति तक पहुँचाया जाता है, जिसके बाद एक समारोह में प्रधानमन्त्री तथा अन्य मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई जाती है और उन्हें प्रधानमन्त्री नियुक्त किया जाता है।

यदि कोई एक दल या गठबंधन, लोकसभा में बहुमत प्राप्त करने में अक्षम होता है, तो, यह पूर्णतः महामहिम राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर होता है कि वे किस व्यक्ति को प्रधानमन्त्री पद प्राप्त करने हेतु आमंत्रित करें। ऐसी स्थिति को त्रिशंकु सभा की स्थिति कहा जाता है। त्रिशंकु सभा की स्थिति में राष्ट्रपति साधारणतः सबसे बड़े दल के नेता को निम्नसदन में बहुमत सिद्ध करने हेतु आमंत्रित करते है।

निमंत्रण स्वीकार करने वाले व्यक्ति का लोकसभा में विश्वासमत सिद्ध करना अनिवार्य है और उसके बाद ही वह व्यक्ति प्रधानमन्त्री नियुक्त किया जा सकता है। ऐतिहासिक तौर पर, इस विशेषाधिकार का प्रयोग अनेक अवसरों पर विभिन्न राष्ट्रपतिगण कर चुके हैं। वर्ष 1977  में राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने प्रधानमन्त्री मोरारजी देसाई के इस्तीफे के पश्चात्, चौधरी चरण सिंह को इसी विशेषाधिकार का प्रयोग कर, प्रधानमन्त्री नियुक्त किया था।

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भारत का प्रधानमंत्री बनने ले लिए पात्रता

 

भारतीय संविधान, प्रधानमंत्री पद हेतु किसी प्रकार की विशेष अर्हताएँ निर्दिष्ट नहीं करता है। परंतु एक आवश्यक्ता ज़रूर निर्धारित की गई है: प्रधानमन्त्री के पास लोकसभा अथवा राज्यसभा की सदस्यता होनी चाहिए, और उनके पास लोकसभा में बहुमत का समर्थन होना चाहिये। यदि नियुक्ति के समय पात्र, भारतीय संसद के दो सदनों में से किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता है तो नियुक्ति के ६ महीनों के मध्य ही उन्हें संसद की सदस्यता प्राप्त करना अनिवार्य है अन्यथा उनका प्रधानमंत्रित्व खारिज हो जायेगा। अतः प्रधानमंत्रित्व के दावेदार के पास, एक सांसद होने की सारी अर्हताएँ होना चाहिये। भारतीय संविधान के पंचम् भाग का 84 वाँ अनुच्छेद, एक सांसद की अर्हताओं को निर्दिष्ट करता है, उसके अनुसार:

कोई व्यक्ति संसद‌ के किसी स्थान को भरने के लिए चुने जाने के लिए अर्हित तभी होगा जब—

  • वह भारत का नागरिक है और निर्वाचन आयोग द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूप के अनुसार शपथ लेता है या प्रतिज्ञान करता है और उस पर अपने हस्ताक्षर करता है;
  • वह राज्य सभा में स्थान के लिए कम से कम तीस वर्ष की आयु का और लोकसभा में स्थान के लिए कम से कम पच्चीस वर्ष की आयु का है; और
  • उसके पास ऐसी अन्य अर्हताएँ हैं जो संसद‌ द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस निमित्त विहित की जाएँ।

जैसा कि तीसरे बिंदू में विनिर्दिष्ट है, पात्र को संसद द्वारा भविष्य में पारित पात्रता के किसी भी योगयता पर खरा उतारना होगा तथा क्योंकि प्रधानमन्त्री का सांसद होना अनिवार्य है, अतः प्रधानमंत्रित्व के पात्र को लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य होने योग्य होने हेतु, कुछ अन्य अर्हताओं पर भी खरा उतरना होता है, जिनमें उसका विकृत चरित्र वाला व्यक्ति या दिवालिया घोषित ना होना, स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेना, किसी न्यायालय द्वारा उसका निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया जाना, तथा राष्ट्रपति या राज्यपाल नियुक्त होना शामिल हैं।

साथ ही, पात्र का, केंद्रीय सरकार, किसी भी राज्य सरकार अथवा पूर्वकथित किसी भी सरकार के अधीन किसी भी कार्यालय तथा प्रशासनिक या गैर-प्रशासनिक निकाय की सेवा में किसी भी लाभकारी पद का कर्मचारी नहीं होना चाहिए। साथ ही सदन से प्रस्ताव-स्वीकृत निष्कासन से भी पात्र की सदस्यता समाप्त हो जाती है। नियुक्ती के पश्चात, इनमें से, पूर्वकथित किसी भी अर्हताओं पर, प्रधानमंत्री की अयोग्यता, किसी विधिक न्यायालय में सिद्ध की जाती है, तो, उस व्यक्ती का निर्वाचन शून्य घोशित कर दिया जाता है, और उसे प्रधानमंत्री के पद से निष्कासित कर दिया जाता है।

 

आजादी से अब तक भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची (List of Prime Minister of India)

 

                 भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची           भारत के प्रधानमंत्री का कार्यकाल

 

जवाहरलाल नेहरू (1889-1964)अगस्त 15, 1947 – मई 27, 1964
गुलजारी लाल नंदा (1898-1997) (कार्यवाहक)मई 27, 1964 – जून 9, 1964
लाल बहादुर शास्‍त्री (1904-1966)जून 09, 1964 – जनवरी 11, 1966
गुलजारी लाल नंदा (1898-1997) (कार्यवाहक)जनवरी 11, 1966 – जनवरी 24, 1966
इंदिरा गांधी (1917-1984)जनवरी 24, 1966 – मार्च 24, 1977
मोरारजी देसाई (1896-1995)मार्च 24, 1977 – जुलाई 28, 1979
चरण सिंह (1902-1987)जुलाई 28, 1979 – जनवरी14 , 1980
इंदिरा गांधी (1917-1984)जनवरी 14, 1980 – अक्टूबर 31 , 1984
राजीव गांधी (1944-1991)अक्टूबर 31, 1984 – दिसंबर 01, 1989
विश्वनाथ प्रताप सिंह (1931-2008)दिसंबर 02, 1989 – नवंबर 10, 1990
चंद्रशेखर (1927-2007)नवंबर 10, 1990 – जून 21, 1991
पी. वी. नरसिम्हा राव (1921-2004)जून 21, 1991 – मई 16, 1996
अटल बिहारी वाजपेयी (1926-2018)मई 16, 1996 – जून 01, 1996
एच. डी. देवेगौड़ा (1933)जून 01, 1996 – अप्रैल 21, 1997
इंद्रकुमार गुजराल (1933-2012)अप्रैल 21, 1997 – मार्च 18, 1998
अटल बिहारी वाजपेयी (1926-2018)मार्च 19, 1998 – अक्टूबर 13, 1999
अटल बिहारी वाजपेयी (1926-2018)अक्टूबर 13, 1999 – मई 22, 2004
डॉ. मनमोहन सिंह (जन्म-1932)मई 22, 2004 – मई 26, 2014
नरेन्द्र मोदी (जन्म-1950)मई 26, 2014 – वर्तमान तक

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आज के इस article के माध्यम से हमने आज के List of Indian Prime Ministers के बारे मे विस्तार से जाना। आशा है कि List of Indian Prime Ministers in Hindi – भारत के प्रधानमंत्री की पूरी जानकारी का यह article आपके लिए helpful रहा होगा। अगर आपको यह article पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share कीजिए।

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