What is C++ Programming Language in Hindi – सी++ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज…

Hello  दोस्तों अगर आप C++ Programming language को जानना चाहते है तो इसके लिए आपको C programming language के बारे मे जरूर पढ़ना चाहिए जिससे की आपके सारे basic concepts clear हो जाएंगे। आपके basic concept अच्छी तरह समझ मे आने के बाद आपको C++ Programming language आसानी से समझ आएगी।

 

What is C++ Programming Language in Hindi (C++ Programming language क्या है?)

C++ Programming Language एक object oriented  programming language है। वर्तमान मे जो भी medium level programming language है उन सब languages के माध्यम से object oriented programming system के concepts को आसानी से सीखा जा सकता है।

जैसा कि हम अपने पिछले article मे discuss कर चुके है कि C++ Programming language को C programming language से ही develop किया गया है। C++ Programming language के syntax, C programming language के जैसे ही समान होते है।

अगर आप object oriented programming language को सीखना चाहते है तो इसके लिए आपको C++ Programming language को सीखना पड़ेगा।

इसका इस्तेमाल operating system, browser, games और अन्य software को develop करने के लिए किया जाता है। इस language को C plus plus पढ़ा जाता है।

 

History of C++ Programming language in hindi

C++ Programming language को Danish computer scientist – Bjarne Stroustrup के द्वारा सन 1979 मे  Bell Telephone Laboratories (वर्तमान मे मे इसे Nokia Bell Laboratories के नाम से जाना जाता है ) मे develop किया गया था। यह laboratory New Jersey के Murray Hill मे स्थित है।

इस language के developer को C language की तरह ही flexible और dynamic language चाहते थे जो कि लेकिन इसमे कुछ advance feature जैसे basic inheritance, classes, inlining की जरूरत थी इसके परिणामस्वरूप C++ Programming language को develop किया गया।

शुरुआत मे C++ Programming language को “ C with classes” के नाम से जाना जाता था। बाद मे सन 1983 मे इसका नाम C++ Programming language रख दिया गया। इसका निर्माण unix operating system को develop करने के लिए किया गया था और अब इसका use application बनाने के लिए भी किया जाता है।

इस language की मदद से programming आसान होती है। C++ Programming language की मदद से coding भी आसानी से की जा सकती है। आजकल ज्यादातर software बनाने मे C++ Programming language का प्रयोग किया जाता है।

 

C++ Programming language मे कौन कौन से features है?

इस language की बहुत सारी विशेषताएं है जिस कारण से इसमे काम करने मे मजा आता है। अब हम उन सभी features के बारे मे जानेंगे:-

  • Machine independent language
  • Fast speed
  • Easy to learn
  • Simple Programming language
  • Syntax based Programming language
  • Compiler based
  • Powerful
  • Case sensitive
  • Object oriented Programming language
  • Memory management
  • Pointer Programming language
  • Rich library
  • High level and low level programming language
  • Structured Programming language

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C++ Programming language  का use कहाँ कहाँ होता है?

  • इसका प्रयोग application development करने के लिए किया जाता है।
  • C++ Programming language का प्रयोग games develop करने के लिए किया जाता है।
  • इसकी मदद से animated software को बनाया जा सकता है।
  • इस programming language का प्रयोग web browser development के लिए भी किया जाता है। chrome और mozilla जैसे web browser को C++ Programming language की मदद से ही develop किया गया है।
  • इस language का use database software जैसे MySQL को develop करने के लिए किया जाता है।
  • इसका प्रयोग media player को create करने के लिए किया जाता है, इसकी मदद से video और audio player को manage किया जाता है।
  • अधिकतर compiler को C++ Programming language मे ही लिखा गया है।
  • इसका प्रयोग operating system को develop करने के लिए किया जाता है।
  • Scanner applications को भी C++ Programming language की मदद से ही develop लिया जाता है।
  • इसका उसे education purpose के लिए भी किया जाता है।
  • इसकी speed fast होने के कारण इसको telephone switch, routers मे use किया जाता है।

 

Features of C++ Programming language in hindi

  • C++ Programming language एक object oriented programming language है।
  • इस programming language मे rich library का support होता है। इसमे standard template library (STL) के माध्यम से बहुत से function available होते है, जिनकी मदद से code को जल्दी लिखा जा सकता है।
  • यह दूसरी programming language की तुलना मे ज्यादा faster होती है।
  • इस programming language मे code को पहले low level code मे compile किया जाता है, जबकि दूसरी programming language मे compilation की जरूरत नहीं होती है।
  • C++ Programming लैंग्वेज pointers को support करती है जिन उसे programming मे widely use होता है, जबकि यह feature बहुत सारी programming language मे available नहीं होता है।

यह एक most important programming language है जिसका इस्तेमाल हम windows, photo editing software, games development, web browser development मे होता है। C++ Programming language का use उन सभी applications मे होता है जिन्हे हम mostly use करते है।

 

C programming language और C++ Programming language के बीच समानता:-

  • इन दोनों ही language के समान syntax होते है।
  • दोनों ही languages का code structure समान है।
  • साथ ही दोनों language का compilation भी समान है।
  • इनकी C++ Programming language और C programming language मे basic grammer भी same है।

 

C programming language और C++ Programming language के बीच अंतर: –

  • इसको (C programming language) Dennis Ritchie ने develop किया था लेकिन(But) C++ Programming language को Bjarne Stroustrup के द्वारा develop किया गया था।
  •  सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मे 32 keywords है लेकिन(But) C++ Programming language मे 52 keywords है।
  • हम C Programming Language मे information को hide नहीं कर सकते है, लेकिन(But) C++ Programming language मे data को hide किया जा सकता है।
  • इसमे code के development के लिए procedural programming का use किया जाता है लेकिन(But) C++ Programming language मे code के development के लिए procedural programming और object oriented programming का उसे हो है।
  • C Programming language मे procedural programming होती है जिस कारण data और function अलग अलग होती है, लेकिन(But) C++ Programming language मे data और functions एक object के रूप मे एक साथ होते है।
  • यह (सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज) built in data के type को support करती है लेकिन(But) C++ Programming लैंग्वेज built-in एण्ड user defined data type को support करती है।
  • C Programming language मे input या output के लिए scan() और print() जैसे functions का use होता है लेकिन(But) C++ Programming language मे cin और cout function का प्रयोग input और output के लिए होता है।

 

Advantages of C++ Programming language in hindi
  • C++ Programming language मे portability का feature उपलब्ध है। जिसकी मदद से यूजर same program को किसी भी operating system पर run करा सकते है।
  • यह एक object oriented programming language है यह इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। object oriented programing language मे हमे classes, inheritance, polymorphism जैसे फीचर मिलते है।
  • यह एक multi paradigm language है। paradigm शब्द का इस्तेमाल program की styling के लिए होता है।
  • C++ Programming language मे memory management का feature भी उपलब्ध है।

 

Disadvantages of C++ Programming language in hindi
  • हालांकि C++ Programming language मे बहुत अच्छी security है लेकिन फिर भी इसमे कुछ security issue है।
  • इसमे garbage collector का feature उपलब्ध नहीं है जिस कारण इसमे unnecessary data को filter out नहीं किया जा सकता है।
  • C++ Programming language मे built – in thread feature उपलब्ध नहीं है।

 

Conclusion

आज के इस article के माध्यम से हमने C++ Programming Language के बारे मे विस्तार से जाना। आशा है कि What is C++ Programming Language in Hindi – सी++ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का यह article आपके लिए helpful रहा होगा। अगर आपको यह article पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share कीजिए।

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